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Mustafa jane rehmat pe lakho salam lyrics in hindi (हिन्दी में मुस्तफा जाने रहमत पर लाखों सलाम नात)

Mustafa jane rehmat pe lakho salam lyrics in hindi (part - 3)

नीची आंखों की शर्मों ह़या पर दुरुद, ऊंची बीनी की रिफ़्अ़त पे लाखों सलाम. 

जिन के आगे चराग़े क़मर झिलमिलाए, उन इ़ज़ारों की त़ल्आत पे लाखों सलाम. 

उनके ख़द की सुहूलत पे बेह़द दुरुद, उनके क़द की रशाक़त पे लाखों सलाम. 

जिस से तारीक दिल जग-मगाने लगे, उस चमक वाली रंगत पे लाखों सलाम. 

चांद से मुंह पे ताबां दरख़्शा दुरुद, नमक-आगीं सबाह़त पे लाखों सलाम. 

शबनमे बाग़े ह़क़ या’नी रुख़ का अ़रक़, उसकी सच्ची बराक़त पे लाखों सलाम. 

ख़त की गिर्दे दहन वोह दिलआरा फबन, सब्ज़ए नहरे रह़मत पे लाखों सलाम. 

रीशे खुश मोतदिल मरहमे रैशे दिल, हालए माहे नुदरत पे लाखों सलाम. 

पतली पतली गुले कुद्स की पत्तियां, उन लबो की नज़ाकत पे लाखों सलाम. 

वोह दहन जिस की हर बात वहये खुदा, चश्मा ए इल्मों ह़िक़मत पे लाखों सलाम. 

जिसके पानी से शादाब जानों जिनां, उह दहन की त़रावत पे लाखों सलाम. 

जिस के खारी कूंएं शीरा ए जां बने, उस जुलाले ह़लावत पे लाखों सलाम. 

वोह ज़बां जिसको सब कुन की कुन्जी कहें, उसकी नाफ़िज़ हुकूमत पे लाखों सलाम. 

उसकी बातों की लज़्ज़त पे लाखों दुरुद, उसके खुत़्बे की हैबत पे लाखों सलाम. 
 
वोह दुआ जिसका जोबन बहारे क़बूल, उस नसीमें इजाबत पे लाखों सलाम. 

जिन के गुच्छे से लच्छे जड़ें नूर के, उन सितारों की नुज़्हत पे लाखों सलाम. 

जिस की तस्कीं से रोते हुए हंस पड़े, उस तबस्सुम की आदत पे लाखों सलाम. 

जिस में नहरें हैं शीरो शकर की रवां, उस गले की नज़ारत पे लाखों सलाम. 

दोश बर दोश है जिन से शाने शरफ़, ऐसे शानों की शौकत पे लाखों सलाम. 

ह़जरे अस्वदे काबए जानो दिल, या’नी मोहरे नबुव्वत पे लाखों सलाम. 

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